महिलाओं को धामी सरकार की बड़ी सौगात, हाईटेक टॉयलेट से लेकर पिंक ई-बस तक कई घोषणाएं
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं के लिए किए बड़े ऐलान, स्वरोजगार ऋण की सीमा भी बढ़ाई
खटीमा। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए उत्तराखण्ड रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा 65 वर्ष के बजाय 60 वर्ष की आयु से लागू करने की घोषणा की। साथ ही प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत प्रदेश को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने का ऐलान किया। इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार दिया जाएगा।
महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाना है।
समारोह में बहनों ने मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का प्रेम और स्नेह उन्हें जनसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि एक भाई के रूप में बहनों के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली को अपना धर्म मानते हुए सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से मातृशक्ति को अपनी नीतियों में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जन-धन, मुद्रा, उज्ज्वला और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है और सभी विकासखंडों में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखें। सरकार इस यात्रा में उनके साथ खड़ी है।
